Hindi Poetries

Thursday, August 7, 2025

निहारिका

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 निहारिका                      photo credit @ Roop Singh          निहारिका          ज्येष्ठ माह की एक साधारण सी दोपहर थी वह | गौशाला के लिए,...
Saturday, July 19, 2025

उपकार

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 उपकार                               photo credit @ Roop Singh  उपकार उपकार न समझ , मेरे मालिक तू इसे.... जो ये , तू  मुझपे किये जाता है. .....
Wednesday, July 9, 2025

पृथ्वी मेरी माँ

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पृथ्वी मेरी माँ                      Photo credit @ Roop Singh  पृथ्वी मेरी माँ  ओ! मेरी पृथ्वी,  मेरी माँ ...! तेरे गर्भ से जनमा, ये संसार ...
Tuesday, February 25, 2025

शिवरात्रि

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 शिवरात्रि                    Photo credit @ Roop Singh  शिवरात्रि कांपे धरा, कराहे अम्बर… करे दानव–देव शिवा शिवा… उफान समंदर को छूए हिमालय…...
Tuesday, January 7, 2025

पीड़ा

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 पीड़ा                      Photo credit @ Roop Singh  पीड़ा  हृदय टूट टूट कर गिरता है... बड़े सलिखे से... जैसे गिरता है झरना ... कभी कभी तो ...
Wednesday, October 16, 2024

बेटी

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बेटी                      Photo credit @ Roop Singh  बेटी माँ, जब मैं छोटी थी... मिट्टी से खेला करती थी... मिट्टी का घर बनाते वक्त..... मैंन...
Monday, October 14, 2024

अहाता

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 अहाते में बैठी माँ         Photo credit @ ...Roop SINGH अहाते में बैठी माँ          माँ अपने अहाते में बैठी है। एक पुरानी सैंटो और पटेरों स...
Friday, June 28, 2024

एक बरस बीता

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 एक बरस बीता                          photo credit. ....Roop Singh  एक बरस बीता  चौमासे ने धो डाले आंगन  से. .. मां के हाथों से बने रंगोली-म...
Wednesday, October 11, 2023

असंतुलन

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असंतुलन                   art work by. .....Roop Singh  असंतुलन  कुछ भी न होने पर भी,  एक-दो चीजें हैं.... जो स्वाभाविक रूप से रहती है विद्य...
Sunday, September 3, 2023

कष्ट

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 कष्ट                     Photo credit. ..@ Roop Singh  कष्ट उस रोज़ बहुत भयंकर बारिश हुई.... होती भी क्यों नहीं ? पिछ्ले दो हफ्तों से गर्मी ...
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Roop Singh
I m self thought writer and an artist. I like reading, writing and arts
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